निशी एक बेहद खतरनाक शैतानी आत्मा होती हैं, जो अमावस्या की रात में प्रकट होती हैं, इसे वास्तव में निशी डाक कहा जाता है, निशी का अर्थ होता है रात या अंधकार, और डाक का अर्थ होता है पुकारना, इसलिये इसे कई जगह पे रात कि आत्मा के पुकार के नाम से भी जाना जाता है, निशी बंगाल,बिहार,ओडिशा, और भारत के अन्य हिस्सो में मौजूद होते है, निशी अपने शिकार को रात के अन्धकार में उसके किसी रिश्तेदार या किसी प्रिय व्यक्ती कि आवाज़ में पुकारती है, और वो एक ऐसे रूप में प्रकट होती हैं जिसे वो व्यक्ती अंधकार में अच्छे से देख नही पाता है, क्यूंकि यह एक निश्चित दूरी पर होती है, और जब वो व्यक्ती निशी की आवाज़ का जवाब दे कर घर से बाहर आता है, तब निशी उसे बहला-फुसला कर एक सुनसान जगह पर ले जाकर, अपने असली रूप में आजाती हैं, और वो उस व्यक्ती को उसी जगह पर ही मार डालती है, और निशी, ऐसे ही शिकार करती हैं, निशी को बारे में एक अहम बात यह है कि निशी किसी भी व्यक्ति को तीन बार से अधिक नहीं पुकार सकती, इस लिये अक्सर कहा जाता है कि जबतक आपको रात के अन्धकार में कोयी, चार बार ना पुकारे तबतक, घर से बाहर ना निकले .
Comment Karo Sabhi
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